बड़ी मासूम है वो सूरत…

sea sunny beach sand
Photo by Pixabay on Pexels.com

बड़ी मासूम सी है सूरत
बड़ा मासूम है वो चेहरा
सपनों को है सच समझती
उसका हर ख्वाब है सुनहरा

खुश्बू सी महकती है
सारे घर में चहकती है
मेरी आवाज़ से मेरे मन को
वो न जाने कैसे परखती है

आई है बनके किस्मत
करने दूर सब अँधेरा
बेटी है रहमत खुदा की
और खुशियों का नया सवेरा

आँखें हैं उसकी हँसती
बातों में खुशियाँ हैं बसती
सस्ते है दर्द सारे
सलामत रहे घर ये मेरा

आती है जब भी मुश्किल
वो थामती है हाथ मेरा
नन्हीं ऊँगलियों ने लिख दिया है
खुशियों का नया बसेरा

करता हूँ तेरा शुक्राना
ख़ुदा कर्ज़दार हूँ मैं तेरा
दुनिया मागँती है चाँद-तारे
मैं माँगू बस उसका चेहरा…
© trehan abhishek

लोग रखते हैं कैद सीने मे…

woman shaping heart with hands
Photo by Artem Podrez on Pexels.com

लोग रखते हैं,

कैद सीने में,

हमने सिर पर,

चढ़ा लिया है।

वो कहते हैं,

इश्क में सब जायज़ है,

हमने अपना,

दायरा बढ़ा लिया है।

अगर मिलो तो,

तुमसे कह दें,

जो न मिलो तो,

महसूस करना।

चाँद निकले,

तो हाँ समझना,

ना निकले,

तो समझो पहरा बढ़ा दिया है।

दोस्ती हो या बंधन,

साथ तुम निभाना,

हाथों में हाथ लिया है,

रिश्ता गहरा बना लिया है।

अपनी यादों की तहों में,

हमें तुम छुपा लो,

वक्त ने अँगुलियों से,

नया चेहरा बना लिया है…

© abhishek trehan

माना वो आवारा था…