हर अधूरी पहल में छिपा है कोई मुकर्रर अंजाम भी

हर अधूरी पहल में छिपा है कोई मुकर्रर अंजाम भी

शर्त है पहले बेशुमार कोशिशें तो करना सीख लो

मिल जाएगा अधूरे सफ़र को कोई मुकम्मल मुक़ाम भी

शर्त है पहले राह की दुश्वारियाँ झेलना तो सीख लो।

पूरी होंगी वो हसरतें भी जो बादलों में उड़ने की हैं

शर्त है पहले हवाओं का रूख़ समझना तो सीख लो

चुन लेना वो नायाब मोती जो कहीं सागर में है छिपा

शर्त है पहले पानी में गहरे उतरना तो सीख लो।

दिल की गहराईयों में जैसे हो कोई नग़मा छिपा

शर्त है गाने से पहले गुनगुनाना तो सीख लो,

मिल जाएगा वो भी कभी जिसकी तुम्हें तालाश है

शर्त है दूसरों से पहले ख़ुद को पाना तो सीख लो।

जिंदगी के तजुर्बों में मिलेंगे कुछ सवालों के जवाब भी

शर्त है तजुर्बों से पहले ठोकरें खाना तो सीख लो

बातों के मकसद में छिपा है बातों का अंजाम भी

शर्त है अंजाम से पहले बातों को परखना तो सीख लो।

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