सिखाने को तो जिंदगी है बहुत कुछ सिखाती…

सिखाने को तो जिंदगी
है बहुत कुछ सिखाती
तुमको पढ़ना सिखा सके जो
वो किताब नहीं आती

कभी तो रूका करो तुम
हमारे लिए भी देखो
बिना मिले तुमसे अब
हमें नींद नहीं आती

मोहब्बत वो हसीन गुनाह है
जो ख़ुशी से हमने किया है
पर टूटता है दिल जब
कोई आवाज़ नहीं आती

तेरे इश्क में हम रूसवा
अब सरेआम हो गए हैं
चोरी किसी ने की है
और बदनाम हम हो गए हैं

कैसी है ये महफ़िल
कैसे हैं ये मेले
जहाँ तुम नहीं हो
वहां हम भीड़ में हैं अकेले

कभी हकीक़त लग रही हो
कभी ख्वाब हो तुम मेरा
ख्वाबों को हकीक़त से जोड़ दे जो
वो फ़रियाद नहीं आती

जब से तुम मिले हो
सिर्फ होश है गंवाया
वापस होश में ला सके जो
वो शराब नहीं आती…

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