दिल में तेरे खोट है…

दिल में तेरे खोट है
ज़ुबां पे तेरी प्यार है
कैसे तेरा सजदा करूँ
ये इश्क नहीं व्यापार है

धोखे यूं ही मिलते नहीं
किया हवाओं पर ऐतबार है
दुनिया का यही उसूल है
मिलते सच को जख़्म हजार हैं

ये वक्त-वक्त की बात है
एक निशान दाग बन गया
वफ़ा का रंग सफेद है
रंग झूठ के बेशुमार हैं

किसी से क्या शिकवा करें
शिकायत ही दुआ हो गई
तुम पलकें झुका कर चल दिए
हवाएं भी धुआं हो गई

बस एक सादगी के सिवा
कुछ  और नहीं मेरे पास है
ये दुनिया बहुत रंगीन है
सिर्फ शून्य ही निर्विकार है

आधा फलक पर चाँद है
आधा ही सच दिख रहा
आधा ही तेरा इश्क था
हम तेरे शुक्रगुज़ार हैं…
© abhishek trehan

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