जीवन का खेल चलता रहे

जीवन का खेल चलता रहे
बस बदल जाएं किरदार
अंजाम तो सबका एक है
हैं जीने की वजह हज़ार

जीवन का दरिया बह रहा
तेरा संग है जैसे पतवार
साथ मिले तो तर जाऊँ मैं
बिन तेरे मैं बेबस और लाचार

बना है ये जिस्म ख़ाक से
हो जाएगा ख़ाक ही हर बार
जीवन की है कहानी यही
हर कहानी का यही है सार

तुझसे ही जीवन के सब रंग हैं
तुझसे ही हैं जीवन का श्रृंगार
तुझसे ही मेरा वजूद है
तेरा ही हूं मैं कर्ज़दार।

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