जिंदगी एक कहानी है

जिंदगी एक कहानी है,

मैं हूं उसका एक किरदार,

मेरा मकसद तो एक है,

जीवन के हैं रंग हजार।

मुझसे वो ऐसे गुज़र रहा,

जैसे किरनें निकले शीशे के पार,

प्रेम की कोई सीमा नहीं,

हर देश चले इसका व्यापार।

मन ही मन को बाँध रहा,

मन में ही करूँ मैं दीदार,

तेरा जादू सिर चढ़ के बोल रहा,

तेरे ही नशे का हूं मैं तलबग़ार।

भेज तू रंग अपनी पसंद का,

हो जाऊँ मैं उसमें सरोबार,

जो उतरा तुझमें वो डूब गया,

जो डूबा वो हो गया पार।

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