गुस्सा नहीं हूं तुमसे,नाराज़ भी नहीं हूं…

गुस्सा नहीं हूं तुमसे,

नाराज़ भी नहीं हूं,

तुम मेरा कल नहीं हो,

तुम्हारा आज मैं नहीं हूं।

गलती करना गलत नहीं है,

हर ज़िद भी सही नहीं है,

तुम आगाज़ नहीं हो मेरा,

तुम्हारा अंजाम मैं नहीं हूं।

चाहे कुसूर हो किसी का,

नफ़रत से क्या मिलेगा,

तुम मुस्तक़बिल नहीं हो मेरा,

तुम्हारा फ़िलहाल मैं नहीं हूं।

दिल से दूर होकर,

दिल के करीब हो तुम,

तुम बेख़बर नहीं हो मुझसे,

तुमसे अंजान मैं नहीं हूं।

ज़िदंगी गुज़र रही है,

किरदार बदल गए हैं,

शिकायतें चल रही हैं,

परेशान मैं नहीं हूं।

जरूरत नहीं तुम्हारी,

ऐसा कहां कहा है,

तुम उम्मीद नहीं हो मेरी,

तुम्हारी पहचान मैं नहीं हूं…

© abhishek trehan

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