काॅन्फिडेंस और ओवरकाॅन्फिडेंस के बीच क्या फर्क है?

1- जब आप सोचते हैं कि मैं इसे कर सकता हूं क्योंकि मैंने इसकी तैयारी की है तो यह आपका काॅन्फिडेंस है, जबकि जब आप सोचते हैं कि मैं इसे आसानी से कर सकता हूं और मुझे किसी भी तैयारी की आवश्यकता नहीं है तो यह आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

2- जब आप सोचते हैं कि मुझे दूसरों की भी सुननी चाहिये तो यह आपका काॅन्फिडेंस है,जबकि जब आप सोचते हैं कि दूसरों को सिर्फ मेरी ही सुननी चाहिये तो यह आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

3- जब आप सोचते हैं कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा और उन्हें मुझे सेलेक्ट कर लेना चाहिए तो यह आपका काॅन्फिडेंस है, जबकि जब आप सोचते हैं कि अगर वे मुझे सेलेक्ट नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि वे मूर्ख हैं तो यह आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

4- जब आप हमेशा दूसरों से सम्मान चाहते हैं तो यह आपका काॅन्फिडेंस है जबकि जब आप हमेशा दूसरों का ध्यान चाहते हैं तो यह आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

5- जब आप सोचते हैं कि मैं गलतियाँ करता हूं और उन्हें दोहराने की कोशिश नहीं करता हूं तो यह आपका काॅन्फिडेंस है, लेकिन जब आप सोचते हैं कि मैं परफेक्ट हूं और कोई गलती नहीं करता हूं तो यह आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

6- जब आप पहले सोचते हैं फिर बोलते हैं तो यह आपका काॅन्फिडेंस है,जबकि जब आप पहले बोलते हैं फिर सोचते हैं तो यह आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

7- ऐसा सोचना कि मैं यह कर सकता हूं यह आपका आत्मविश्वास है जबकि यह सोचना कि केवल मैं ही इसे कर सकता हूं यह यह आपका अतिआत्मविश्वास है।


8- किसी भी चीज के पक्ष और विपक्ष पर भली-भांति विचार करने के बाद रिस्क उठाना आपका काॅन्फिडेंस है, जबकि झूठे अहंकार के प्रभाव में लापरवाही से व्यवहार करना आपका ओवरकाॅन्फिडेंस है।

9- मुझे पता है कि मैं कौन हूं यह आपका आत्मविश्वास है जबकि मैं उन्हें दिखाना चाहता हूं कि मैं मैं कौन हूं यह आपका अतिआत्मविश्वास है।

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