इमोशनल ब्लैकमेल

इमोशनल ब्लैकमेल से आशय एक ऐसी अवस्था से है जिसमें पीड़ित व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए अक्सर धमकियों, दंड एवं छल का प्रयोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है, ऐसा किसी अन्य व्यक्ति के व्यवहार को अपने अनुसार नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

अस्वस्थ रिश्तों में अक्सर एक या दोनो लोगों द्वारा रिश्ते में भावनात्मक ब्लैकमेल किया जाता है। भावनात्मक ब्लैकमेल एक हेरफेर की रणनीति है जिसका उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है जिसके साथ आपका निकट संबंध है। यह पुरुष और महिला दोनों द्वारा किया जाता है।

स्वस्थ रिश्तों के लिए बातचीत की आवश्यकता होती है। अपने साथी से बात न करना या फिर उनके कॉल या टेक्स्ट पर कोई भी प्रतिक्रिया न व्यक्त करना भावनात्मक ब्लैकमेल का संकेत है।

अपने साथी को यह बताना कि आप परेशान हैं और आप परेशान रहते हुए किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं, यह एक बात है। पर संचार के सभी माध्यम काट देना और अपने साथी को पूरी तरह से अनदेखा करना दूसरी बात है।

जब रिश्ते में कोई व्यक्ति हर बार जब वो परेशान होते हैं या नाराज होते हैं रिश्ते को तोड़ने या छोड़ने की धमकी देता है तो अक्सर वो, ऐसा अपनी बात मनवाने और अपने साथी से रिश्ते में इच्छानुसार अनुपालन करवाने के लिए रिश्ता छोड़ने की धमकी का उपयोग करते हैंं।

दुर्भाग्य से, रिश्तों में खटास आने पर अक्सर बच्चों को मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अपने बच्चों को न देख पाने की धमकी का इस्तेमाल अक्सर लोगों को और बुरी और दुखी स्थिति में रखने के लिए किया जाता है।

आपका साथी भी कभी गलत हो सकता है, लेकिन वे कभी भी अपने दोष नहीं मानते हैं, और अक्सर आप पर दोष डालते हैं और फिर वे आपको अपनी चिंताओं या मुद्दों को बीच में लाने की कोशिश करने के लिए भी दोषी महसूस कराते हैं।

इसके अतिरिक्त बहुत से माइंड गेम्स हैं जिनका इस्तेमाल प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लोग रिश्तों में एक-दूसरे को मैनुपलेट करने के लिए करते हैं।

हम सभी को अपना रास्ता निकालना पसंद है, लेकिन इसे करने के लिए स्वस्थ तरीके हैं। एक स्वस्थ रिश्ते में आपको समझौता करने की आवश्यकता होगी, जिसका अर्थ है कि आपके पास हर समय अपना रास्ता नहीं होगा।

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