अंतर्मुखी स्वभाव के लोग अपनी लाइफ को कैसे एन्जवाय करते हैं ?

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एक अंतर्मुखी इंसान को अपने साथ रहना पसंद है। उसे खुश होने के लिए शोर शराबा, या बहुत सारे लोगों के साथ की जरूरत नहीं पड़ती है।

1- अंतर्मुखी लोग बहुत संवेदनशील होते हैं, वे संवेदनाओ को व्यक्त करने का माध्यम ढूंढते रहते है और इसमें संगीत सुनना, पुस्तकें पढ़ना, नृत्य करना, लिखना इत्यादि उनकी मदद कर सकता है, हांलाकि सबकी अपनी व्यक्तिगत पसंद होती है।

2- यह कहना गलत होगा कि अन्तर्मुखी लोग बहुत सहमे से और गुमसुम रहते हैं। ज़रूरी नहीं किअंतर्मुखी लोग शर्मीले और संकुचित ही हों, ये एकांत प्रिय होते हैं और कभी- कभी ये बस अकेला रहना चाहते हैं।

3- अंतर्मुखी लोग जिज्ञासु होते हैं, वो जिज्ञासावश नई नई चीज़े का ज्ञान प्राप्त करना चाहते है और इस प्रकार वो इनटरनेट और पुस्तकों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा शांत करते हैं और इस पर उनका काफी समय व्यतीत होता हैं।

4- अंतर्मुखी स्वभाव के लोग अक्सर कम बोलने वाले होते हैं। अधिकांश समय इन्हें दूसरों को समक्ष अपनी भावनाओं को व्यक्त करने या कहने में हिचकिचाहट महसूस होती है।

5- अंतर्मुखी स्वभाव के लोग अक्सर बहुत चूज़ी होते हैं और उनके विकल्पों को समझना मुश्किल होता है। यहां तक कि उनके परिवार के निकटतम सदस्यों और दोस्तों को भी इसका पता नहीं होता कि उनके दिमाग के अंदर क्या चल रहा है।

6- अंतर्मुखी स्वभाव के लोग अक्सर किसी पर जल्दी विश्वास नहीं करते। ये किसी भी कार्य को पूरे धैर्य के साथ करते हैं,योजना बनाने में जल्दबाज़ी नहीं करते हैं और प्रत्येक पहलू पर विचार करने के बाद ही निर्णय लेते हैं।

7- अंतर्मुखी स्वभाव के लोग अक्सर दूसरों की मदद लेने में वे बुरा महसूस करते हैं और कई बार सोचते हैं। इस कारण सामान्यत: लोग इन्हे घमंडी समझते हैं, लेकिन हकीकत में ये स्वभाव से बहुत विनम्र होते हैं।

8- इनके पास जीवन को देखने का अलग नजरिया होता है, ये अक्सर अंदर ही रोते हैं, अंदर ही हंसते हैं, अंदर ही प्यार करते हैं और अंदर ही नफरत करते हैं।

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